राजनीति राज्य

यूपी पहुंचे कर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर जमकर साधा निशाना, जनसंख्या नियंत्रण और क़ानून व्यवस्था पर लिया आड़े हाथ।

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने का संकेत दे चुके ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में पहुंचकर प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा, असदुद्दीन ओवैसी ने कानून व्यवस्था से लेकर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर योगी सरकार द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावित कानून के संबंध में जमकर हमला बोला, इतना ही नहीं बल्कि केंद्र की मोदी सरकार और वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तकरीर पर भी ओवैसी ने कटाक्ष किए।

गुरुवार को वह मुरादाबाद-संभल दौरे पर पहुंचे जहां उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। ओवैसी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ हर टीवी के इंटरव्यू में ओवैसी के मजनूं बन चुके हैं और अपनी लैला को याद करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सीएम ने यूपी की जनता को धोखा दिया है। वह हमें बता दें कि क्या ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में 40 फीसदी की कमी नहीं है? पीएचसी की 49 फीसदी कमी और सीएचसी की 53 फीसदी कमी है या नहीं है? जो सीएचसी हैं भी वहां 84 फीसदी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है।

आगामी चुनाव से जुड़ी तैयारियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार हमारा संगठन 70 ज़िलों में मज़बूत है. प्रदेश में हम अपने संगठन को मज़बूत करेंगे. 80-100 विधानसभा सीटों पर एवं लगभग 70% बूथों पर AIMIM पार्टी की पकड़ है।”

उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा, “दिसंबर 2020 के हलफ़नामे में मोदी सरकार ने कहा है कि कुल प्रजनन दर घटने की वजह से भारत में दो बच्चों करने की नीति लागू नहीं कर सकते. वहीं, योगी सरकार इसका विरोध कर रही है। ये प्रस्ताव अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है. ये महिलाओं को नुकसान पहुंचाएगा क्योंकि देश में 93 फीसदी नसबंदी महिलाओं में की जाती है, महिलाओं को ये फ़ैसला करने का हक़ मिलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में योगी सरकार की गवर्नेंस की नाकामी मुद्दा बनेगी। आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तारी पर ओवैसी ने कहा कि कोर्ट इन लोगों को बेसकूर कहेगी तो आरोप लगाने वाले माफी मांगेंगे।

हालांकि, जहां एक ओर ओवैसी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन के मज़बूत होने की दावा कर रहे हैं. वहीं, वाराणसी में उनकी पार्टी के कई नेता कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। ऐसे में लोगों की नज़र इस बात पर है कि आने वाले दिनों में ओवैसी अपने मूल समर्थकों को अपने साथ मजबूती से जोड़ने और नए समर्थक तलाशने के लिए क्या कदम उठाते हैं।