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आज़म खान अखिलेश और सियासत।

आज़म खान अखिलेश और सियासत: (शिब्ली रामपुरी)

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की जेल से अस्पताल भेजे जाने के बाद इलाज के दौरान की कुछ तस्वीरें सामने आई जिनको देखकर बेहद अफसोस हुआ. जब आजम खान की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो बहुत से लोग ऐसे थे कि जो आजम खान के धुर विरोधी रहे हैं लेकिन उन्होंने भी आजम खान की हालत देखकर उनके स्वास्थ्य लाभ की दुआएं की प्रार्थना की और आजम खान की जो हालत है उस पर अफसोस जताया. कांग्रेस से लेकर कई पार्टियों के नेताओ ने आजम खान की हालत पर अफसोस जताते हुए कहा कि आजम खान की कैसी हालत हो गई है ईश्वर उनको स्वास्थ्य लाभ दे.ऐसा बहुत से लोगों ने लिखा।

आजम खान से तो सभी परिचित हैं समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता हैं.वर्तमान समय में रामपुर से सांसद हैं लेकिन काफी समय से वह जेल में बंद हैं उन पर कई तरह के मुकदमे हैं. जेल में रहते हुए कई बार उनकी तबीयत खराब हो चुकी है और उनको अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है. इस बार भी आजम खान की तबीयत काफी खराब हुई तो उनको अस्पताल ले जाया गया जिसके बाद इलाज के दौरान की उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई. आजम खान के मामले में उनके परिवार वाले भले ही कह रहे हैं हो कि अखिलेश यादव से उन्हें कोई शिकायत नहीं है लेकिन सभी जानते हैं कि अखिलेश यादव आजम खान के परिवार वालों से रामपुर मिलने उस वक्त पहुंचे थे जब एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से लेकर कांग्रेस तक आजम खान पर किसी ना किसी तरह से डोरे डालने की कोशिशों में जुटी हुई थी और ओवैसी के बारे में तो यहां तक खबरें आ रही थी कि ओवैसी आजम खान से जेल में जाकर मिल सकते हैं. तब अखिलेश यादव को इसका अहसास हुआ और अखिलेश यादव आजम खान से मिलने तो नहीं जा सकते थे लेकिन वह उनके परिवार वालों से मिलने पहुंचे और वहां पर उन्होंने कहा कि आजम खान हमारे दिल में बसते हैं वहां उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की।

आजम खान की बेटी और उनकी पत्नी से भी मुलाकात की. लेकिन यहां यह कहना भी गलत नहीं होगा कि अखिलेश यादव को जिस तरह से आजम खान के हक में आवाज बुलंद करनी चाहिए थी वैसा अखिलेश यादव ने नहीं किया और यह बात आजम खान के समर्थकों को काफी नागवार गुजरी. फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद आजम खान पर तमाम तरह के मुकदमे हैं इनमे आजम खान का कितना कसूर है और कितने वह बेकसूर हैं इसका फैसला तो अदालत ही करेगी लेकिन समाजवादी पार्टी में उनका जैसा पद रहा है और समाजवादी पार्टी के लिए उन्होंने कितनी मेहनत मशक्कत की इसके बारे में सभी जानते हैं तो ऐसे में अखिलेश यादव के रवैया पर सवाल उठना तो लाजमी है. जरा वह दौर भी याद कीजिए कि जब अखिलेश के पिताजी मुलायम सिंह यादव से आजम खान नाराज हो गए और उन्होंने इरादा कर लिया कि वह फिर समाजवादी पार्टी में नहीं जाएंगे तब मुलायम सिंह यादव रामपुर गए और वहां पर आजम खान को मनाने के लिए 2 दिन रहे और आजम खान की नाराजगी को दूर करके ही लौटे थे. लेकिन शायद अब सियासत काफी बदल चुकी है और कल तक जिन आजम खान को मुलायम सिंह इतना अहमियत देते थे आज मुलायम सिंह के बेटे और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नजर में शायद आजम खान की उतनी अहमियत नहीं है।

अखिलेश यादव और आजम खान के परिवार वाले भले ही कितनी बातें कहे लेकिन यह हकीकत है कि जिस तरह का मजबूत रवैया अखिलेश यादव को अपनाना चाहिए था वैसा उन्होंने आजम खान के मामले में नहीं किया जबकि कई दूसरे मामलों में हम देखते हैं कि अखिलेश यादव किस तरह से मुखर रहते हैं. यहां सबसे बड़ा सवाल यह भी है और जिसका जवाब शायद लोगों के दिल और दिमाग में हो कि आजम खान की इस बदहाल हालत के लिए आखिर कौन सबसे बड़ा जिम्मेदार है? फिलहाल आजम खान की तबीयत काफी खराब है और उनके लिए दुआएं हो रही हैं उनकी सेहत को लेकर हर कोई दुआ कर रहा है अखिलेश यादव ने भी उनकी सेहत को लेकर काफी चिंता व्यक्त की है. लेकिन जिस तरह के फोटो आजम खान के सामने आए हैं उससे हर एक दिल और दिमाग में यह बात भी है कि क्या यह वही आजम खान है कि जिनको सुनने के लिए और देखने के लिए लोगों की कतारें लग जाती थी भारी भीड़ जुटा करती थी और उन्होंने समाजवादी पार्टी को जमीन से आसमान तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाया तो क्या यह वही आजम खान हैं. कभी किसी ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी कैसे आज़म खान जैसे कद्दावर नेता की यह हालत हो जाएगी।